16 Statics optimization

UGC NET - Static Optimisation: पूर्ण प्रश्नोत्तर संग्रह

📘 स्थैतिक अनुकूलन समस्याएँ एवं अनुप्रयोग

UGC NET Economics (पिछले वर्षों के प्रश्न + पूर्ण समाधान) | सभी MCQ + Numerical चरणबद्ध हल सहित

📌 भाग 1: सैद्धांतिक बहुविकल्पीय प्रश्न (Theory Based MCQ)

प्रश्न 1 | तकनीकी दक्षता (Technical Efficiency)

प्रश्न: तकनीकी दक्षता (Technical Efficiency) किस स्थिति को कहते हैं?

(a) एक वस्तु का उत्पादन दूसरी वस्तु के उत्पादन को बढ़ाए बिना कम नहीं किया जा सकता है।

(b) एक वस्तु की खपत दूसरी वस्तु की खपत को घटाए बिना नहीं बढ़ाई जा सकती है।

(c) उपभोक्ता अधिकतम संतुष्टि प्राप्त करता है।

विकल्प: 1. केवल (b)    2. केवल (a)    3. केवल (c)    4. (a), (b) और (c)

उत्तर: 2. केवल (a)
व्याख्या: तकनीकी दक्षता का अर्थ है—बिना किसी अन्य वस्तु का उत्पादन घटाए किसी एक वस्तु का उत्पादन नहीं बढ़ाया जा सकता। यह पेरेटो कुशलता की उत्पादन सीमा पर स्थिति है।
प्रश्न 2 | रैखिक प्रोग्रामिंग विधि

प्रश्न: रैखिक प्रोग्रामिंग समस्या (LPP) को हल करने की मानक विधि है:

1. वेज विधि

2. सिंप्लेक्स विधि

3. बहु-अवरोध विधि

4. इनमें से कोई नहीं

उत्तर: 2. सिंप्लेक्स विधि
व्याख्या: सिंप्लेक्स विधि जॉर्ज डेंट्ज़िग द्वारा विकसित की गई थी और यह LPP हल करने की सबसे प्रचलित एल्गोरिदम है।
प्रश्न 3 | योग-योज्य समस्या (Adding-up Problem)

प्रश्न: योग-योज्य समस्या (Adding-up Problem / Product Exhaustion Theorem) की कौन सी मान्यता गलत है?

1. जोखिम-मुक्त स्थैतिक अर्थव्यवस्था

2. स्थिर पैमाने के प्रतिफल

3. अल्पकाल में लागू

4. पूर्ण प्रतिस्पर्धा

उत्तर: 3. अल्पकाल में लागू
व्याख्या: यह प्रमेय दीर्घकाल में लागू होता है जब सभी कारक परिवर्तनशील हों और पैमाने के प्रतिफल स्थिर हों।
प्रश्न 4 | पेरेटो इष्टतमता की शर्तें

प्रश्न: पेरेटो इष्टतमता की कौन सी शर्त सही नहीं है?

1. \( MRS^A_{xy} = MRS^B_{xy} = P_x/P_y \)

2. \( MRTS^x_{L,K} = MRTS^y_{L,K} = w/r \)

3. \( MRPT^K_{xy} = MRPT^L_{xy} = r/w \)

4. \( MRPT^K_{xy} = MRPT^L_{xy} = w/r \)

उत्तर: 4. \( MRPT^K_{xy} = MRPT^L_{xy} = w/r \)
व्याख्या: सही शर्त \( MRPT_{xy} = MC_x/MC_y \) होती है, न कि \( w/r \).

🧮 भाग 2: संख्यात्मक प्रश्न (पूर्ण गणितीय समाधान)

Numerical 1 | उपभोक्ता उपयोगिता अधिकतमकरण (Cobb-Douglas)

प्रश्न: एक उपभोक्ता का उपयोगिता फलन \( U = x^{0.2} \cdot y^{0.8} \) है। उसकी आय \( M = 100 \) रु., \( P_x = 5 \) रु., \( P_y = 10 \) रु. हैं। ज्ञात करें: (i) इष्टतम \( x^*, y^* \) (ii) अधिकतम \( U^* \) (iii) लैग्रेंज गुणक \( \lambda \) तथा उसकी व्याख्या।

पूर्ण हल (चरणबद्ध):
चरण 1 – Lagrange फलन: \( \mathcal{L} = x^{0.2} y^{0.8} + \lambda(100 - 5x - 10y) \)
चरण 2 – प्रथम कोटि शर्तें (FOCs):
\( \frac{\partial \mathcal{L}}{\partial x} = 0.2 x^{-0.8} y^{0.8} - 5\lambda = 0 \quad (1) \)
\( \frac{\partial \mathcal{L}}{\partial y} = 0.8 x^{0.2} y^{-0.2} - 10\lambda = 0 \quad (2) \)
\( \frac{\partial \mathcal{L}}{\partial \lambda} = 100 - 5x - 10y = 0 \quad (3) \)
चरण 3 – समीकरण (1) ÷ (2):
\( \frac{0.2 (y/x)^{0.8}}{0.8 (x/y)^{0.2}} = \frac{5\lambda}{10\lambda} \Rightarrow 0.25 \times (y/x)^1 = 0.5 \)
\( \Rightarrow y/x = 2 \;\Rightarrow\; y = 2x \quad (4) \)
चरण 4 – बजट में रखें: \( 5x + 10(2x) = 100 \Rightarrow 25x = 100 \)
\( \Rightarrow x^* = 4,\quad y^* = 8 \)
चरण 5 – अधिकतम उपयोगिता: \( U^* = 4^{0.2} \times 8^{0.8} = 2^{0.4} \times 2^{2.4} = 2^{2.8} = 2^2 \times 2^{0.8} = 4 \times 1.7411 \)
\( \Rightarrow U^* \approx 6.964 \)
चरण 6 – λ का मान: (1) से: \( 0.2 \times (8/4)^{0.8} = 5\lambda \Rightarrow 0.2 \times 1.7411 = 5\lambda \)
\( \Rightarrow \lambda \approx 0.0696 \)
चरण 7 – व्याख्या: \( \lambda = \Delta U / \Delta M \approx 0.07 \), अर्थात आय में 1 रु. वृद्धि से अधिकतम उपयोगिता 0.07 इकाई बढ़ती है।
Numerical 2 | उत्पादक लागत न्यूनीकरण (Cost Minimisation)

प्रश्न: एक फर्म का उत्पादन फलन \( Q = L^{0.5} K^{0.5} \) है। वह \( Q = 6 \) इकाई उत्पादन करना चाहती है। श्रम (L) की कीमत \( w = 4 \), पूंजी (K) की कीमत \( r = 9 \) है। न्यूनतम लागत ज्ञात करें।

पूर्ण हल:
चरण 1 – Lagrange: \( \mathcal{L} = 4L + 9K + \lambda(6 - L^{0.5}K^{0.5}) \)
चरण 2 – FOCs:
\( \frac{\partial \mathcal{L}}{\partial L} = 4 - \lambda \cdot 0.5 L^{-0.5} K^{0.5} = 0 \quad (1) \)
\( \frac{\partial \mathcal{L}}{\partial K} = 9 - \lambda \cdot 0.5 L^{0.5} K^{-0.5} = 0 \quad (2) \)
\( \frac{\partial \mathcal{L}}{\partial \lambda} = 6 - L^{0.5}K^{0.5} = 0 \quad (3) \)
चरण 3 – (1) ÷ (2): \( \frac{4}{9} = \frac{K}{L} \Rightarrow 4L = 9K \Rightarrow K = \frac{4}{9}L \quad (4) \)
चरण 4 – उत्पादन फलन में रखें: \( L^{0.5} \times \left(\frac{4L}{9}\right)^{0.5} = 6 \Rightarrow L \times \frac{2}{3} = 6 \Rightarrow L^* = 9 \)
\( K^* = \frac{4}{9} \times 9 = 4 \)
चरण 5 – न्यूनतम लागत: \( C^* = 4\times 9 + 9\times 4 = 36 + 36 = 72 \)
Numerical 3 | उपभोक्ता अनुकूलन (U = x·y)

प्रश्न: \( U = x \cdot y \), \( P_x = 2 \), \( P_y = 3 \), \( M = 60 \). ज्ञात करें \( x^*, y^*, U^*, \lambda \).

हल:
\( \mathcal{L} = x\cdot y + \lambda(60 - 2x - 3y) \)
FOCs: \( \frac{\partial}{\partial x} = y - 2\lambda = 0 \Rightarrow y = 2\lambda \)
\( \frac{\partial}{\partial y} = x - 3\lambda = 0 \Rightarrow x = 3\lambda \)
बजट: \( 2(3\lambda) + 3(2\lambda) = 60 \Rightarrow 6\lambda + 6\lambda = 60 \Rightarrow 12\lambda = 60 \)
\( \lambda = 5 \)
\( x^* = 3\times5 = 15, \quad y^* = 2\times5 = 10 \)
\( U^* = 15 \times 10 = 150 \)

📐 भाग 3: द्वितीय कोटि की शर्तें (Bordered Hessian – उदाहरण Numerical 1 के लिए)

द्वितीय कोटि शर्त जाँच (Second Order Condition)

प्रश्न: Numerical 1 के लिए अधिकतमता की द्वितीय कोटि शर्त जाँचिए।

Bordered Hessian: \( \bar{H} = \begin{vmatrix} 0 & g_1 & g_2 \\ g_1 & \mathcal{L}_{11} & \mathcal{L}_{12} \\ g_2 & \mathcal{L}_{21} & \mathcal{L}_{22} \end{vmatrix} \)
यहाँ \( g_1 = -5, \; g_2 = -10 \) तथा \( \mathcal{L}_{11}, \mathcal{L}_{12}, \mathcal{L}_{22} \) द्वितीय अवकलज हैं। Cobb-Douglas फलन के लिए \( x^*, y^* > 0 \) पर सारणिक धनात्मक प्राप्त होता है, जो स्थानीय अधिकतम को सुनिश्चित करता है।
निष्कर्ष: उपरोक्त Numerical 1 में प्राप्त बिंदु (4,8) पर अधिकतमता के लिए आवश्यक द्वितीय कोटि प्रतिबन्ध पूर्ण होते हैं।

📊 सारणीबद्ध अंतिम उत्तर (Numericals का सारांश)

प्रश्न\( x^* \)\( y^* \)\( U^* / C^* \)\( \lambda \)
Numerical 1 (Cobb-Douglas)48≈ 6.964≈ 0.0696
Numerical 2 (Cost Min)9 (L*)4 (K*)72 (C*)
Numerical 3 (U = x·y)15101505

🔍 अतिरिक्त व्याख्या: लैग्रेंज गुणक एवं आर्थिक अर्थ

λ (लैग्रेंज गुणक) की आर्थिक व्याख्या: प्रतिबन्ध (आय या लागत) में एक इकाई परिवर्तन से उद्देश्य फलन (उपयोगिता/उत्पादन) में सीमांत परिवर्तन। उपभोक्ता सिद्धान्त में यह आय की सीमांत उपयोगिता (Marginal Utility of Income) कहलाती है। उत्पादक सिद्धान्त में λ सीमांत लागत या छाया मूल्य (shadow price) को दर्शाता है।

उदाहरणार्थ Numerical 1 में λ ≈ 0.07 का तात्पर्य है कि 1 रुपया अतिरिक्त आय से अधिकतम उपयोगिता 0.07 बढ़ती है।
द्वैतता (Duality) – संकेत

प्रत्येक अधिकतमकरण समस्या (उपयोगिता अधिकतम) का एक द्वैत (dual) न्यूनतमकरण समस्या (व्यय न्यूनीकरण) होता है। Numerical 1 के लिए द्वैत समस्या: दी गई उपयोगिता स्तर के लिए न्यूनतम आय ज्ञात करना। इसे उपभोक्ता सिद्धान्त में हिक्सियन माँग (Hicksian demand) भी कहते हैं।

📚 यह संग्रह UGC NET Economics (Static Optimisation) के सभी सैद्धांतिक एवं संख्यात्मक प्रश्नों को पूर्ण समाधान सहित प्रस्तुत करता है।
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