10Rank
चैप्टर 7: रैंक (Rank) और नलता (Nullity) – पूर्ण विवरण
इस चैप्टर में: रैंक की परिभाषा (पंक्ति एवं स्तंभ दृष्टिकोण), पंक्ति-समतुल्य रूप (Row Echelon Form), रैंक ज्ञात करने की विधियाँ, नलता (Nullity), रैंक-नलता प्रमेय, रैखिकतः स्वतंत्र एवं आश्रित पंक्तियाँ/स्तंभ, तथा रैखिक समीकरणों के हल की प्रकृति में रैंक का उपयोग।
7.1 रैंक (Rank) की परिभाषा
परिभाषा (शब्दों में): किसी मैट्रिक्स A की रैंक (rank) उसमें मौजूद रैखिकतः स्वतंत्र पंक्तियों (या स्तंभों) की अधिकतम संख्या होती है।
गणितीय रूप: rank(A) = रैखिकतः स्वतंत्र पंक्तियों की संख्या = रैखिकतः स्वतंत्र स्तंभों की संख्या।
महत्वपूर्ण: rank(A)=rank(Aᵀ), rank(A) ≤ min(m,n)।
गणितीय रूप: rank(A) = रैखिकतः स्वतंत्र पंक्तियों की संख्या = रैखिकतः स्वतंत्र स्तंभों की संख्या।
महत्वपूर्ण: rank(A)=rank(Aᵀ), rank(A) ≤ min(m,n)।
उदाहरण 1 (2×2, पूर्ण रैंक):
A = [[1,2],[3,4]] → दोनों पंक्तियाँ स्वतंत्र → rank=2
उदाहरण 2 (2×2, अपूर्ण रैंक):
B = [[1,2],[2,4]] → पंक्ति2 = 2×पंक्ति1 → rank=1
उदाहरण 3 (3×3, रैंक 2):
C = [[1,2,3],[4,5,6],[5,7,9]] → तीसरी पंक्ति = पहली+दूसरी → rank=2
7.2 पंक्ति-समतुल्य रूप (Row Echelon Form) से रैंक
Echelon Form के नियम: शून्य पंक्तियाँ नीचे; प्रत्येक गैर-शून्य पंक्ति का पहला अशून्य अवयव (पिवट) उसके ऊपर वाली पंक्ति के पिवट से दाईं ओर। रैंक = पिवट (गैर-शून्य पंक्तियों) की संख्या।
उदाहरण 1 (पूर्ण प्रक्रिया):
A = [[1,2,3],[2,4,6],[3,6,9]] → R₂-2R₁, R₃-3R₁ → [[1,2,3],[0,0,0],[0,0,0]] → rank=1
उदाहरण 2 (3×4):
B = [[1,2,0,3],[0,1,4,5],[0,0,0,1]] → 3 गैर-शून्य पंक्तियाँ → rank=3
7.3 रैंक ज्ञात करने की विधियाँ
विधि 1 (Echelon): पंक्ति संक्रियाओं से echelon रूप बनाकर।
विधि 2 (सारणिक – वर्ग): det(A)≠0 ⇒ rank=n, det(A)=0 ⇒ rank<n
विधि 3 (उपसारणिक): सबसे बड़ा k जिसके लिए कोई k×k उपसारणिक ≠0, rank=k
विधि 2 (सारणिक – वर्ग): det(A)≠0 ⇒ rank=n, det(A)=0 ⇒ rank<n
विधि 3 (उपसारणिक): सबसे बड़ा k जिसके लिए कोई k×k उपसारणिक ≠0, rank=k
उदाहरण (3×3 सारणिक विधि):
[[1,2,3],[4,5,6],[7,8,9]] → det=0, 2×2 उपसारणिक [[1,2],[4,5]] का det=-3≠0 ⇒ rank=2
7.4 नलता (Nullity) की परिभाषा
परिभाषा: nullity(A) = n - rank(A) (n = स्तंभों की संख्या) = सजातीय निकाय A·X=0 के हलों के स्थान (null space) की विमा। शून्यता = मुक्त चरों की संख्या।
उदाहरण 1:
A = [[1,2],[2,4]] (2×2) → rank=1, n=2 → nullity=1 (एक मुक्त चर)
उदाहरण 2:
I₃ → rank=3, n=3 → nullity=0 (केवल तुच्छ हल)
7.5 रैंक-नलता प्रमेय (Rank-Nullity Theorem)
प्रमेय: rank(A) + nullity(A) = n (स्तंभों की संख्या)।
ज्यामितीय अर्थ: रैखिक रूपांतरण T: ℝⁿ→ℝᵐ के लिए, dim(domain) = dim(image) + dim(kernel)
ज्यामितीय अर्थ: रैखिक रूपांतरण T: ℝⁿ→ℝᵐ के लिए, dim(domain) = dim(image) + dim(kernel)
उदाहरण (2×3 मैट्रिक्स):
A = [[1,2,3],[4,5,6]] → rank=2, n=3 ⇒ nullity=1
7.6 रैखिकतः स्वतंत्र (Independent) और आश्रित (Dependent)
स्वतंत्र: c₁v₁+...+c_kv_k=0 ⇒ सभी cᵢ=0
आश्रित: ऐसे सभी शून्येतर cᵢ मिलें। rank = स्वतंत्र पंक्तियों की संख्या।
आश्रित: ऐसे सभी शून्येतर cᵢ मिलें। rank = स्वतंत्र पंक्तियों की संख्या।
उदाहरण:
R₁=[1,2,3], R₂=[2,4,6] → R₂=2R₁ → आश्रित; R₃=[1,0,1] → R₁,R₃ स्वतंत्र
चैप्टर 8: अभिलाक्षणिक मान (Eigenvalues) और अभिलाक्षणिक सदिश (Eigenvectors)
इस चैप्टर में: परिभाषा, अभिलाक्षणिक समीकरण एवं बहुपद, eigenvalues ज्ञात करने की विधि, eigenvectors ज्ञात करने की विधि, गुणधर्म, ट्रेस व सारणिक से संबंध, तथा ज्यामितीय अर्थ।
8.1 परिभाषा (Definition)
परिभाषा: A v = λ v, v ≠ 0, तो λ eigenvalue, v eigenvector। ज्यामिति: A लागू करने पर v केवल खिंचता/सिकुड़ता है (दिशा समान रहती है)।
उदाहरण 1 (विकर्ण):
A = [[2,0],[0,3]] → [1,0] eigenvector λ=2, [0,1] eigenvector λ=3
उदाहरण 2 (2×2):
B = [[2,1],[1,2]] → v=[1,1] ⇒ Bv=[3,3]=3[1,1] (λ=3), v=[1,-1] ⇒ Bv=[1,-1] (λ=1)
8.2 अभिलाक्षणिक समीकरण (Characteristic Equation)
समीकरण: det(A - λI) = 0
अभिलाक्षणिक बहुपद p(λ)=det(A-λI) (λ में n घात)।
अभिलाक्षणिक बहुपद p(λ)=det(A-λI) (λ में n घात)।
उदाहरण 1 (2×2):
A = [[3,1],[1,3]] → det([[3-λ,1],[1,3-λ]]) = (3-λ)²-1 = λ²-6λ+8 = (λ-2)(λ-4) ⇒ eigenvalues 2,4
उदाहरण 2 (3×3 विकर्ण):
C = diag(2,3,4) → det(C-λI)=(2-λ)(3-λ)(4-λ)=0 ⇒ λ=2,3,4
उदाहरण 3 (3×3 द्विगुणित):
D = [[1,1,0],[1,1,0],[0,0,2]] → det(D-λI) = -λ(λ-2)² ⇒ eigenvalues 0, 2,2
8.3 अभिलाक्षणिक सदिश (Eigenvector) ज्ञात करने की विधि
चरण: प्रत्येक λ के लिए (A-λI)v=0 हल करें → गैर-शून्य हल eigenvectors होंगे।
उदाहरण (λ=2 के लिए A=[[3,1],[1,3]]):
A-2I = [[1,1],[1,1]] → x+y=0 → v = [1,-1]ᵀ
उदाहरण (λ=2, द्विगुणित D):
D-2I = [[-1,1,0],[1,-1,0],[0,0,0]] → -x+y=0 ⇒ v = [1,1,0] और [0,0,1] (दो स्वतंत्र)
8.4 अभिलाक्षणिक मानों के गुणधर्म (Properties)
गुण 1: det(A) = λ₁·λ₂·...·λₙ
गुण 2: tr(A) = λ₁+λ₂+...+λₙ
गुण 3: यदि λ eigenvalue, तो kA का kλ, A² का λ², Aᵐ का λᵐ, A⁻¹ का 1/λ (λ≠0)
गुण 4: सममित मैट्रिक्स के सभी eigenvalues वास्तविक।
गुण 5: विषम-सममित के eigenvalues शुद्ध काल्पनिक या शून्य।
गुण 6: ऑर्थोगोनल के eigenvalues का modulus 1.
गुण 7: A और Aᵀ के eigenvalues समान।
गुण 8: भिन्न eigenvalues के eigenvectors रैखिकतः स्वतंत्र।
गुण 2: tr(A) = λ₁+λ₂+...+λₙ
गुण 3: यदि λ eigenvalue, तो kA का kλ, A² का λ², Aᵐ का λᵐ, A⁻¹ का 1/λ (λ≠0)
गुण 4: सममित मैट्रिक्स के सभी eigenvalues वास्तविक।
गुण 5: विषम-सममित के eigenvalues शुद्ध काल्पनिक या शून्य।
गुण 6: ऑर्थोगोनल के eigenvalues का modulus 1.
गुण 7: A और Aᵀ के eigenvalues समान।
गुण 8: भिन्न eigenvalues के eigenvectors रैखिकतः स्वतंत्र।
उदाहरण (det और tr की जाँच):
A=[[3,1],[1,3]] → eigenvalues 2,4; det=8 (2·4=8), tr=6 (2+4=6) ✓
8.5 विशेष मैट्रिक्स के अभिलाक्षणिक मान
| मैट्रिक्स प्रकार | अभिलाक्षणिक मान |
|---|---|
| तत्समक Iₙ | सभी 1 |
| अदिश k·I | सभी k |
| विकर्ण diag(d₁,...,dₙ) | d₁,d₂,...,dₙ |
| ऊपरी/निचली त्रिभुजीय | विकर्ण अवयव |
| सममित (वास्तविक) | सभी वास्तविक |
| ऑर्थोगोनल | मापांक 1 (e^{iθ} या ±1) |
चैप्टर 9: विकर्णीकरण (Diagonalization) और कैली-हैमिल्टन प्रमेय
इस चैप्टर में: विकर्णीकरण की परिभाषा एवं शर्त, प्रक्रिया P⁻¹AP=D, विकर्णीकरण का उपयोग (Aⁿ निकालना), कैली-हैमिल्टन प्रमेय (कथन व उदाहरण), तथा A⁻¹ और Aⁿ निकालने में उपयोग।
9.1 विकर्णीकरण (Diagonalization) की परिभाषा
परिभाषा: A = P D P⁻¹ (या P⁻¹AP = D) जहाँ D विकर्ण। D के विकर्ण पर eigenvalues, P के स्तंभों में eigenvectors (समान क्रम में)।
शर्त: A के n रैखिकतः स्वतंत्र eigenvectors हों।
शर्त: A के n रैखिकतः स्वतंत्र eigenvectors हों।
उदाहरण (विकर्णीय):
A = [[3,1],[1,3]] → eigenvalues 2,4, eigenvectors [1,-1],[1,1] ⇒ P = [[1,1],[-1,1]], D = [[2,0],[0,4]]
उदाहरण (विकर्णीय नहीं):
A = [[1,1],[0,1]] → λ=1 (द्विगुणित), केवल एक eigenvector → विकर्णीय नहीं
9.2 विकर्णीकरण की प्रक्रिया – पूरा उदाहरण (3×3)
उदाहरण (D = [[1,1,0],[1,1,0],[0,0,2]]):
eigenvalues: 0,2,2; eigenvectors: λ=0 → [1,-1,0]; λ=2 → [1,1,0] और [0,0,1] P = [[1,1,0],[-1,1,0],[0,0,1]], D = diag(0,2,2) ⇒ P⁻¹AP = D
9.3 विकर्णीकरण का उपयोग – Aⁿ निकालना
सूत्र: Aⁿ = P Dⁿ P⁻¹, Dⁿ = diag(λ₁ⁿ, λ₂ⁿ, ..., λₙⁿ)
उदाहरण (2×2 A=[[3,1],[1,3]]):
P=[[1,1],[-1,1]], D=diag(2,4), P⁻¹ = ½[[1,-1],[1,1]] ⇒ Aⁿ = [[(2ⁿ+4ⁿ)/2, (4ⁿ-2ⁿ)/2],[(4ⁿ-2ⁿ)/2, (2ⁿ+4ⁿ)/2]]
9.4 कैली-हैमिल्टन प्रमेय (Cayley-Hamilton Theorem)
प्रमेय: प्रत्येक वर्ग मैट्रिक्स A अपने अभिलाक्षणिक बहुपद p(λ)=det(A-λI) को संतुष्ट करता है: p(A)=0 (शून्य मैट्रिक्स)।
उदाहरण 1 (2×2 A=[[1,2],[3,4]]):
p(λ)=λ²-5λ-2 ⇒ A²-5A-2I=0 (सत्यापित)
उदाहरण 2 (2×2 B=[[2,1],[1,2]]):
p(λ)=λ²-4λ+3 ⇒ B²-4B+3I=0 ✓
9.5 कैली-हैमिल्टन प्रमेय का उपयोग – A⁻¹ और Aⁿ निकालना
A⁻¹ (यदि c₀≠0): p(A)=Aⁿ + c_{n-1}A^{n-1}+...+c₁A + c₀I = 0 ⇒ A⁻¹ = -(1/c₀)(A^{n-1}+c_{n-1}A^{n-2}+...+c₁I)
उदाहरण (A=[[1,2],[3,4]]):
p(λ)=λ²-5λ-2 ⇒ c₀=-2 ⇒ A⁻¹ = (1/2)(A-5I) = [[-2,1],[1.5,-0.5]] ✓
Aⁿ के लिए पुनरावृत्ति: A² = 5A+2I, A³ = 5A²+2A = 27A+10I, A⁴ = 145A+54I, ... (प्रत्येक घात αA+βI के रूप में)
चैप्टर 7, 8, 9 का संयुक्त सारांश
| चैप्टर | मुख्य विषय | मुख्य सूत्र/प्रमेय |
|---|---|---|
| 7 | रैंक (Rank) | rank(A) + nullity(A) = n |
| 7 | रैखिक स्वतंत्रता | c₁v₁+...+c_kv_k=0 ⇒ सभी cᵢ=0 |
| 8 | Eigenvalues | det(A-λI)=0 |
| 8 | Eigenvectors | (A-λI)v=0, v≠0 |
| 8 | गुणधर्म | det(A)=Πλᵢ, tr(A)=Σλᵢ |
| 9 | विकर्णीकरण | A = PDP⁻¹ (P में eigenvectors) |
| 9 | Aⁿ | Aⁿ = PDⁿP⁻¹ |
| 9 | कैली-हैमिल्टन | p(A)=0 |
| 9 | A⁻¹ सूत्र | A⁻¹ = -(1/c₀)(A^{n-1}+...+c₁I) |
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