16 Matrix

चैप्टर 5: सहखंडज (Adjoint) और व्युत्क्रम (Inverse) – पूर्ण विवरण

चैप्टर 5: सहखंडज (Adjoint) और व्युत्क्रम (Inverse) – पूर्ण विवरण

इस चैप्टर में: सहखंडक मैट्रिक्स, सहखंडज (Adjoint), व्युत्क्रम की परिभाषा एवं सूत्र (A⁻¹ = adj(A)/det(A)), 2×2 एवं 3×3 के व्युत्क्रम (पूर्ण चरणबद्ध विधि), Gauss-Jordan विधि, गुणधर्म, singular/non-singular पहचान, ज्यामितीय अर्थ एवं विशेष मैट्रिक्स के व्युत्क्रम।

5.1 सहखंडक मैट्रिक्स (Cofactor Matrix)

परिभाषा (शब्दों में): किसी वर्ग मैट्रिक्स A के सहखंडक मैट्रिक्स का अर्थ है वह मैट्रिक्स जिसके (i,j) स्थान पर aij का सहखंडक Cij हो।
गणितीय रूप: Cofactor(A) = [Cij] जहाँ Cij = (-1)^{i+j} Mij
उदाहरण 1 (2×2):
A = [[a,b],[c,d]] ⇒ सहखंडक = [[d, -c], [-b, a]]
उदाहरण 2 (2×2 संख्यात्मक):
A = [[3,5],[2,4]] ⇒ C₁₁=4, C₁₂=-2, C₂₁=-5, C₂₂=3 ⇒ सहखंडक = [[4,-2],[-5,3]]
उदाहरण 3 (3×3 – पूर्वनिर्धारित B):
B = [[1,0,2],[3,1,1],[2,1,0]] ⇒ C₁₁=-1, C₁₂=2, C₁₃=1, C₂₁=2, C₂₂=-4, C₂₃=-1, C₃₁=-2, C₃₂=5, C₃₃=1
∴ सहखंडक = [[-1,2,1],[2,-4,-1],[-2,5,1]]
उदाहरण 4 (विकर्ण मैट्रिक्स):
C = [[2,0,0],[0,3,0],[0,0,4]] ⇒ सहखंडक = [[12,0,0],[0,8,0],[0,0,6]]

5.2 सहखंडज (Adjoint / Adjugate Matrix)

परिभाषा: adj(A) = [Cij]T (सहखंडक मैट्रिक्स का ट्रांसपोज़)।
महत्वपूर्ण सूत्र: A·adj(A) = adj(A)·A = det(A)·I
गुण: adj(I)=I, adj(AB)=adj(B)·adj(A), adj(kA)=kn-1adj(A), det(adj(A)) = [det(A)]n-1
उदाहरण 1 (2×2):
A = [[a,b],[c,d]] ⇒ adj(A) = [[d, -b], [-c, a]]
उदाहरण 2 (2×2 संख्यात्मक):
A = [[3,5],[2,4]] ⇒ adj(A) = [[4,-5],[-2,3]], A·adj(A)=2I ✓
उदाहरण 3 (3×3 B):
B = [[1,0,2],[3,1,1],[2,1,0]], सहखंडक = [[-1,2,1],[2,-4,-1],[-2,5,1]] ⇒ adj(B) = [[-1,2,-2],[2,-4,5],[1,-1,1]]
B·adj(B) = det(B)·I = 1·I ✓
उदाहरण 4 (विकर्ण D):
D = [[2,0,0],[0,3,0],[0,0,4]], adj(D) = [[12,0,0],[0,8,0],[0,0,6]] = diag(12,8,6)

5.3 व्युत्क्रम (Inverse) की परिभाषा और आवश्यक शर्त

परिभाषा: A·A⁻¹ = A⁻¹·A = I (तत्समक मैट्रिक्स)।
शर्त: केवल वर्ग मैट्रिक्स, और det(A) ≠ 0 (non-singular) होना चाहिए। det(A)=0 ⇒ व्युत्क्रम मौजूद नहीं।
उदाहरण (2×2):
A = [[2,0],[0,2]] ⇒ A⁻¹ = [[1/2,0],[0,1/2]]

5.4 व्युत्क्रम का सूत्र – A⁻¹ = adj(A) / det(A)

सूत्र: A⁻¹ = (1/det(A)) · adj(A) (det(A) ≠ 0)।
उदाहरण 1 (2×2):
A = [[3,5],[2,4]], det=2, adj=[[4,-5],[-2,3]] ⇒ A⁻¹ = [[2, -2.5], [-1, 1.5]]
उदाहरण 2 (3×3 B):
det(B)=1, adj(B)=[[-1,2,-2],[2,-4,5],[1,-1,1]] ⇒ B⁻¹ = [[-1,2,-2],[2,-4,5],[1,-1,1]]
उदाहरण 3 (det=-1):
C = [[1,2],[3,5]], det=-1, adj=[[5,-2],[-3,1]] ⇒ C⁻¹ = [[-5,2],[3,-1]]

5.5 2×2 मैट्रिक्स का व्युत्क्रम – सीधा सूत्र

शॉर्टकट: A = [[a,b],[c,d]], ad-bc ≠ 0 ⇒ A⁻¹ = (1/(ad-bc)) [[d, -b], [-c, a]]
उदाहरण 1:
A = [[2,1],[5,3]], det=1 ⇒ A⁻¹ = [[3,-1],[-5,2]]
उदाहरण 2:
B = [[4,2],[3,2]], det=2 ⇒ B⁻¹ = [[1,-1],[-1.5,2]]
उदाहरण 3 (det ऋणात्मक):
C = [[1,3],[2,4]], det=-2 ⇒ C⁻¹ = [[-2,1.5],[1,-0.5]]

5.6 3×3 मैट्रिक्स का व्युत्क्रम – पूर्ण चरणबद्ध विधि (सहखंडज विधि)

पूरा हल (नया मैट्रिक्स A = [[1,2,-1],[2,1,0],[-1,1,2]]):
चरण 1: det(A) = -9 ≠ 0
चरण 2: सभी 9 उपसारणिक M₁₁=2, M₁₂=4, M₁₃=3, M₂₁=5, M₂₂=1, M₂₃=3, M₃₁=1, M₃₂=2, M₃₃=-3
चरण 3: सहखंडक C₁₁=2, C₁₂=-4, C₁₃=3, C₂₁=-5, C₂₂=1, C₂₃=-3, C₃₁=1, C₃₂=-2, C₃₃=-3
चरण 4: सहखंडक मैट्रिक्स = [[2,-4,3],[-5,1,-3],[1,-2,-3]]
चरण 5: adj(A) = [[2,-5,1],[-4,1,-2],[3,-3,-3]]
चरण 6: A⁻¹ = (1/(-9))·adj = [[-2/9, 5/9, -1/9], [4/9, -1/9, 2/9], [-1/3, 1/3, 1/3]]
जाँच: A·A⁻¹ = I ✓

5.7 Gauss-Jordan विधि से व्युत्क्रम (पंक्ति संक्रियाओं द्वारा)

विधि: [A | I] को पंक्ति संक्रियाओं (R_i↔R_j, R_i→kR_i, R_i→R_i+kR_j) द्वारा [I | A⁻¹] में बदलें।
उदाहरण 1 (2×2):
A = [[2,3],[1,4]] → संवर्धित [[2,3|1,0],[1,4|0,1]] → R₁↔R₂ → R₂→R₂-2R₁ → R₂→(-1/5)R₂ → R₁→R₁-4R₂ ⇒ A⁻¹ = [[0.8,-0.6],[-0.2,0.4]]
उदाहरण 2 (3×3 B = [[1,0,2],[3,1,1],[2,1,0]]):
[B|I] → R₂-3R₁, R₃-2R₁, फिर R₃-R₂, पश्चात् R₂+5R₃, R₁-2R₃ ⇒ B⁻¹ = [[-1,2,-2],[2,-4,5],[1,-1,1]]

5.8 व्युत्क्रम के गुणधर्म (Properties of Inverse)

गुण 1: (A⁻¹)⁻¹ = A
गुण 2: (AB)⁻¹ = B⁻¹ A⁻¹ (क्रम उलट)
गुण 3: (Aᵀ)⁻¹ = (A⁻¹)ᵀ
गुण 4: (kA)⁻¹ = (1/k) A⁻¹ (k≠0)
गुण 5: det(A⁻¹) = 1/det(A)
गुण 6: यदि A सममित और व्युत्क्रमणीय, तो A⁻¹ भी सममित
गुण 7: यदि A ऑर्थोगोनल (Aᵀ=A⁻¹), तो A⁻¹ = Aᵀ
उदाहरण (गुण 2 की जाँच):
A=[[1,2],[3,4]], B=[[0,1],[1,0]]; (AB)⁻¹ = B⁻¹A⁻¹ सत्यापित

5.9 Singular और Non-Singular मैट्रिक्स – पहचान

Non-Singular: det(A) ≠ 0 ⇒ A⁻¹ मौजूद।
Singular: det(A) = 0 ⇒ A⁻¹ मौजूद नहीं।
singular के कारण: शून्य पंक्ति/स्तंभ, दो समान पंक्तियाँ, रैखिक आश्रितता।
उदाहरण Non-Singular:
[[1,2],[3,4]] det=-2 ≠0
उदाहरण Singular:
[[1,2],[2,4]] det=0; [[1,2,3],[4,5,6],[7,8,9]] det=0

5.10 व्युत्क्रम का ज्यामितीय अर्थ (संक्षेप में)

मैट्रिक्स रैखिक रूपांतरण को दर्शाता है; A⁻¹ उस रूपांतरण को पूर्ववत करता है। यदि det(A)=0 (singular), तो रूपांतरण क्षेत्र को शून्य आयतन में बदल देता है (अपरिवर्तनीय)।

5.11 विशेष मैट्रिक्स के व्युत्क्रम

मैट्रिक्स प्रकारव्युत्क्रम
विकर्ण diag(d₁,...,dₙ) (dᵢ≠0)diag(1/d₁, ..., 1/dₙ)
ऊपरी/निचली त्रिभुजीय (विकर्ण अशून्य)उसी प्रकार का त्रिभुजीय
तत्समक II
अदिश k·I (k≠0)(1/k)·I
ऑर्थोगोनल (Aᵀ = A⁻¹)Aᵀ
2×2 [[a,b],[c,d]] (ad-bc≠0)(1/(ad-bc))[[d,-b],[-c,a]]
उदाहरण (विकर्ण):
D = [[2,0,0],[0,3,0],[0,0,5]] ⇒ D⁻¹ = [[1/2,0,0],[0,1/3,0],[0,0,1/5]]
उदाहरण (ऑर्थोगोनल):
Q = [[cos30°,-sin30°],[sin30°,cos30°]] ⇒ Q⁻¹ = Qᵀ

चैप्टर 5 का सारांश (सभी महत्वपूर्ण बिंदु)

विषयमुख्य बात
सहखंडक मैट्रिक्स[Cij] जहाँ Cij = (-1)^{i+j} Mij
सहखंडज (Adjoint)adj(A) = [Cij]T
मूल सूत्रA·adj(A) = adj(A)·A = det(A)·I
व्युत्क्रम सूत्रA⁻¹ = adj(A) / det(A) (det(A)≠0)
2×2 का शॉर्टकट(1/(ad-bc)) [[d, -b], [-c, a]]
Gauss-Jordan विधि[A | I] → [I | A⁻¹] पंक्ति संक्रियाओं से
Singulardet(A) = 0 ⇒ A⁻¹ मौजूद नहीं
Non-Singulardet(A) ≠ 0 ⇒ A⁻¹ मौजूद
(AB)⁻¹B⁻¹ A⁻¹ (क्रम उलट)
(Aᵀ)⁻¹(A⁻¹)ᵀ
det(A⁻¹)1 / det(A)

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