16 Determinants

चैप्टर 4: सारणिक (Determinant) – पूर्ण विवरण

चैप्टर 4: सारणिक (Determinant) – पूर्ण विवरण

इस चैप्टर में: सारणिक का परिचय, 2×2 एवं 3×3 सारणिक, सरस नियम, उपसारणिक, सहखंडक, लाप्लास विस्तार, सभी गुणधर्म, विशेष मैट्रिक्स के सारणिक, व्युत्क्रम से संबंध, तथा पंक्ति संक्रियाओं द्वारा सारणिक ज्ञात करने की विधियाँ।

4.1 सारणिक का परिचय (Introduction to Determinant)

परिभाषा (शब्दों में): सारणिक एक अदिश (scalar) संख्या है जो केवल वर्ग मैट्रिक्स के लिए परिभाषित होती है। यह मैट्रिक्स के गुणों जैसे व्युत्क्रमणीयता, रैखिक समीकरणों के हल की अद्वितीयता आदि को दर्शाती है।
संकेतन: det(A) या |A|। 2×2 के लिए |a b; c d| = ad - bc.
ऐतिहासिक: लाइबनिज़, क्रेमर, केली – क्रेमर नियम रैखिक समीकरणों को हल करने हेतु।

4.2 2×2 मैट्रिक्स का सारणिक (Determinant of 2×2 Matrix)

सूत्र: det(A) = ad - bc, जहाँ A = [[a, b], [c, d]]।
उदाहरण 1 (सरल संख्याएँ):
A = [[3,5],[2,4]] ⇒ det = 3×4 - 5×2 = 12-10=2
उदाहरण 2 (ऋणात्मक):
B = [[-2,3],[1,-4]] ⇒ det = (-2)(-4) - (3)(1)=8-3=5
उदाहरण 3 (विकर्ण):
C = [[5,0],[0,5]] ⇒ det = 25
उदाहरण 4 (शून्य सारणिक – singular):
E = [[2,4],[1,2]] ⇒ det = 4-4=0 (व्युत्क्रम मौजूद नहीं)

4.3 3×3 मैट्रिक्स का सारणिक – सरस नियम (Sarrus Rule)

सूत्र (सरस): det = aei + bfg + cdh - ceg - bdi - afh, जहाँ A = [[a,b,c],[d,e,f],[g,h,i]]।
उदाहरण 1 (शून्य सारणिक):
A = [[1,2,3],[4,5,6],[7,8,9]]
aei=45, bfg=84, cdh=96 → योग=225; ceg=105, bdi=72, afh=48 → योग=225 ⇒ det=0
उदाहरण 2 (गैर-शून्य):
B = [[1,0,2],[3,1,1],[2,1,0]]
aei=1·1·0=0, bfg=0·1·2=0, cdh=2·3·1=6, ceg=2·1·2=4, bdi=0·3·0=0, afh=1·1·1=1 ⇒ det=6-5=1
उदाहरण 3 (विकर्ण/त्रिभुजीय):
C = [[2,0,0],[0,3,0],[0,0,4]] ⇒ det = 2·3·4=24; D = [[1,2,3],[0,4,5],[0,0,6]] ⇒ det=1·4·6=24

4.4 उपसारणिक (Minor) – पूर्ण विवरण

परिभाषा: अवयव aij का उपसारणिक Mij = det( i-वीं पंक्ति और j-वाँ स्तंभ हटाने के बाद बचे मैट्रिक्स का सारणिक )।
उदाहरण 1 (3×3 – M₁₁):
A = [[1,2,3],[4,5,6],[7,8,9]]
M₁₁ (पंक्ति1, स्तंभ1 हटाएँ) → [[5,6],[8,9]] ⇒ det = 45-48 = -3
उदाहरण 2 (M₁₂):
स्तंभ2 हटाने पर [[4,6],[7,9]] ⇒ det = 36-42=-6
उदाहरण 3 (M₂₃):
पंक्ति2, स्तंभ3 हटाएँ → [[1,2],[7,8]] ⇒ det = 8-14=-6

4.5 सहखंडक (Cofactor) – पूर्ण विवरण

परिभाषा: Cij = (-1)^{i+j} · Mij
चिन्ह सारणी: [+ - + ...; - + - ...; + - + ...]
उदाहरण (पिछले A से):
M₁₁=-3 ⇒ C₁₁=(-1)²·(-3)=-3; M₁₂=-6 ⇒ C₁₂=(-1)³·(-6)=+6; M₂₃=-6 ⇒ C₂₃=(-1)⁵·(-6)=+6
सभी सहखंडक (B = [[1,0,2],[3,1,1],[2,1,0]]) का पूरा हल:
M₁₁=-1, M₁₂=-2, M₁₃=1; M₂₁=-2, M₂₂=-4, M₂₃=1; M₃₁=-2, M₃₂=-5, M₃₃=1
C₁₁=-1, C₁₂=+2, C₁₃=1; C₂₁=+2, C₂₂=-4, C₂₃=-1; C₃₁=-2, C₃₂=+5, C₃₃=1

4.6 लाप्लास विस्तार (Laplace Expansion) – किसी भी पंक्ति/स्तंभ से

सूत्र (i-वीं पंक्ति): det(A) = Σj=1n aij Cij
रणनीति: अधिकतम शून्य वाली पंक्ति/स्तंभ चुनें।
उदाहरण 1 (पहली पंक्ति से – मैट्रिक्स B):
B = [[1,0,2],[3,1,1],[2,1,0]], a₁₁=1,C₁₁=-1; a₁₂=0,C₁₂=2; a₁₃=2,C₁₃=1 ⇒ det = 1·(-1)+0·2+2·1 = -1+0+2=1
उदाहरण 2 (दूसरी पंक्ति से):
a₂₁=3,C₂₁=+2; a₂₂=1,C₂₂=-4; a₂₃=1,C₂₃=-1 ⇒ det = 3·2 + 1·(-4)+1·(-1)=6-4-1=1
उदाहरण 3 (स्तंभ 3 से – कुशलता):
D = [[2,0,0,1],[4,3,0,2],[1,0,5,3],[0,0,0,4]] → स्तंभ 3 में केवल a₃₃=5 अशून्य ⇒ det = 5·C₃₃, C₃₃ = +M₃₃, M₃₃ = 24 ⇒ det=120

4.7 सारणिक के सभी गुणधर्म (Properties of Determinants)

गुण 1: det(AT) = det(A)
गुण 2: दो पंक्तियाँ बदलने पर चिन्ह बदलता है
गुण 3: किसी पंक्ति को k से गुणा → det × k
गुण 4: दो समान पंक्तियाँ → det = 0
गुण 5: शून्य पंक्ति → det = 0
गुण 6: R_i → R_i + k·R_j (योग) → अपरिवर्तित
गुण 7: det(AB) = det(A)·det(B)
गुण 8: det(A⁻¹) = 1/det(A) (यदि det(A)≠0)
गुण 9: det(kA) = kⁿ·det(A)
गुण 10: त्रिभुजीय/विकर्ण मैट्रिक्स का सारणिक = विकर्ण अवयवों का गुणनफल
उदाहरण (गुण 7 और 8):
A=[[1,2],[3,4]], B=[[0,1],[1,0]]; det(A)=-2, det(B)=-1, det(AB)=2 = (-2)(-1); A⁻¹ = [[-2,1],[1.5,-0.5]], det= -0.5 = 1/(-2)

4.8 विशेष मैट्रिक्स के सारणिक (सारांश)

मैट्रिक्स प्रकारसारणिक तत्समक Iₙ1 शून्य मैट्रिक्स (n≥1)0 अदिश (k·Iₙ)kⁿ विकर्ण diag(d₁,...,dₙ)d₁·d₂·...·dₙ ऊपरी/निचली त्रिभुजीयविकर्ण गुणनफल ऑर्थोगोनल (AT=A⁻¹)±1 विषम-सममित (n विषम)0

4.9 सारणिक और व्युत्क्रम (Determinant & Inverse) – संबंध

नियम: det(A) ≠ 0 ⇔ A⁻¹ मौजूद है (व्युत्क्रमणीय)। det(A)=0 ⇔ अव्युत्क्रमणीय (singular)।
सूत्र (अध्याय 5 में विस्तार): A⁻¹ = (1/det(A))·adj(A)।
उदाहरण:
A = [[1,2],[3,4]] det=-2≠0 ⇒ व्युत्क्रम मौजूद; B=[[1,2],[2,4]] det=0 ⇒ व्युत्क्रम नहीं

4.10 सारणिक ज्ञात करने की अन्य विधियाँ – पंक्ति संक्रियाओं द्वारा

रणनीति: त्रिभुजीय रूप बनाकर विकर्ण गुणनफल लें। संक्रियाओं का प्रभाव:
- R_i ↔ R_j → det × (-1)
- R_i → k·R_i → det × k
- R_i → R_i + k·R_j → det अपरिवर्तित
उदाहरण (पूरा हल):
A = [[0,1,2],[1,2,3],[4,5,6]]
R₁↔R₂ → [[1,2,3],[0,1,2],[4,5,6]], det चिन्ह बदला
R₃→R₃-4R₁ → [[1,2,3],[0,1,2],[0,-3,-6]]
R₃→R₃+3R₂ → [[1,2,3],[0,1,2],[0,0,0]] ⇒ विकर्ण गुणनफल = 0
मूल det = 0 (क्योंकि पंक्तियाँ रैखिकतः आश्रित)

चैप्टर 4 का सारांश (सभी महत्वपूर्ण बिंदु)

विषयमुख्य बात
2×2 सारणिकad - bc
3×3 सारणिक (सरस)aei + bfg + cdh - ceg - bdi - afh
उपसारणिक (Minor)पंक्ति i, स्तंभ j हटाने के बाद का सारणिक
सहखंडक (Cofactor)Cij = (-1)^{i+j} Mij
लाप्लास विस्तारΣ aij Cij (किसी पंक्ति/स्तंभ के लिए)
गुण 1det(AT) = det(A)
गुण 2पंक्ति बदलने पर चिन्ह बदलता है
गुण 3पंक्ति × k → det × k
गुण 4,5समान/शून्य पंक्ति → det=0
गुण 6R_i + kR_j → det अपरिवर्तित
गुण 7det(AB) = det(A)·det(B)
गुण 8det(A⁻¹) = 1/det(A)
गुण 9det(kA) = kⁿ·det(A)
गुण 10त्रिभुजीय का det = विकर्ण गुणनफल
व्युत्क्रम से संबंधdet(A) ≠ 0 ⇔ A⁻¹ मौजूद

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