16 Matrix

चैप्टर 1: मैट्रिक्स की पूर्ण परिभाषा, अवयव, आकार, और मूलभूत अवधारणाएँ

चैप्टर 1: मैट्रिक्स की पूर्ण परिभाषा, अवयव, आकार, और मूलभूत अवधारणाएँ

1.0 मैट्रिक्स क्यों पढ़ते हैं? (प्रेरणा)

मैट्रिक्स का उपयोग:

  • रैखिक समीकरणों के निकाय को हल करने में
  • कंप्यूटर ग्राफिक्स (3D घूर्णन, अनुवाद) में
  • डेटा साइंस और मशीन लर्निंग (डेटा को सारणीबद्ध करने) में
  • इकोनॉमिक्स, इंजीनियरिंग, भौतिकी में

एक सरल उदाहरण:
मान लीजिए आपके पास 3 दुकानों का 4 उत्पादों की बिक्री का डेटा है। इसे 3×4 मैट्रिक्स में रखना स्वाभाविक है।

1.1 मैट्रिक्स की परिभाषा (Definition of Matrix)

औपचारिक परिभाषा:
एक मैट्रिक्स A कुछ निश्चित F (जैसे वास्तविक संख्याएँ, सम्मिश्र संख्याएँ) के अवयवों aij का एक आयताकार विन्यास होता है, जिसे m पंक्तियों और n स्तंभों में व्यवस्थित किया जाता है। इसे A = [aij]m×n लिखते हैं।
सरल शब्दों में: पंक्तियों और स्तंभों में सजी संख्याओं की एक टेबल।
उदाहरण 1.1 (2×2 मैट्रिक्स):
A = [ 3   5 ]
    [ -2  0 ]

· इसमें 2 पंक्तियाँ हैं (पहली पंक्ति: 3,5 ; दूसरी पंक्ति: -2,0)
· 2 स्तंभ हैं (पहला स्तंभ: 3,-2 ; दूसरा स्तंभ: 5,0)

उदाहरण 1.2 (3×4 मैट्रिक्स):
B = [ 1   2   3   4 ]
    [ 5   6   7   8 ]
    [ 9  10  11  12 ]

· पंक्तियाँ: 3 · स्तंभ: 4

उदाहरण 1.3 (1×3 पंक्ति मैट्रिक्स):

C = [ 2, -1, 0 ] → केवल 1 पंक्ति, 3 स्तंभ

उदाहरण 1.4 (4×1 स्तंभ मैट्रिक्स):
D = [ 3 ]
    [ 5 ]
    [ 7 ]
    [ 9 ]

1.2 मैट्रिक्स के अवयव (Elements / Entries)

परिभाषा: मैट्रिक्स में लिखी हुई प्रत्येक संख्या (या व्यंजक) एक अवयव कहलाता है।
निरूपण: aij का अर्थ: i-वीं पंक्ति और j-वें स्तंभ का अवयव। i → पंक्ति सूचकांक, j → स्तंभ सूचकांक (i, j प्राकृतिक संख्याएँ)
उदाहरण 2.1 (अवयव पहचानना):
A = [ 10   20   30 ]
    [ 40   50   60 ]

a₁₁=10, a₁₂=20, a₁₃=30, a₂₁=40, a₂₂=50, a₂₃=60

उदाहरण 2.2 (अवयव का मान ज्ञात करना):

यदि B = [ bij ] जहाँ bij = i + j, तो B₃×₂ का मान ज्ञात कीजिए।

हल:
b₁₁=1+1=2, b₁₂=1+2=3, b₂₁=2+1=3, b₂₂=2+2=4, b₃₁=3+1=4, b₃₂=3+2=5
∴ B = [ [2,3], [3,4], [4,5] ] (3×2 मैट्रिक्स)

उदाहरण 2.3 (अवयव पर प्रतिबंध):

यदि C = [ cij ] जहाँ cij = 0 यदि i ≠ j, और cii = i², तो C₃×₃ लिखिए।

हल: c₁₁=1, c₂₂=4, c₃₃=9, शून्य → C = [[1,0,0],[0,4,0],[0,0,9]] (विकर्ण मैट्रिक्स)

1.3 मैट्रिक्स का आकार (Order / Dimension)

परिभाषा: m पंक्तियाँ, n स्तंभ → आकार m × n ("m बाय n")। m, n धनात्मक पूर्णांक।
उदाहरण 3.1 (आकार पहचानना):

P = [ [1, 2], [3, 4], [5, 6] ] → m=3, n=2 → आकार 3×2

उदाहरण 3.2 (वर्ग मैट्रिक्स):

Q = [ [a, b], [c, d] ] → 2×2 (वर्ग)

उदाहरण 3.3 (आयत मैट्रिक्स):

R = [ [1, 2, 3] ] → 1×3 (आयत)

महत्वपूर्ण सूक्ष्मता: 1×n = पंक्ति सदिश, m×1 = स्तंभ सदिश, 1×1 = अदिश (यह भी एक मैट्रिक्स है)

1.4 समान मैट्रिक्स (Equal Matrices)

परिभाषा: दो मैट्रिक्स A और B समान हैं यदि: 1) आकार समान हों, 2) सभी संगत अवयव समान हों (aij = bij)।
उदाहरण 4.1 (समान मैट्रिक्स):

A = [[2,3],[4,5]], B = [[2,3],[4,5]] → समान

उदाहरण 4.2 (असमान – आकार अलग):

A = [[1,2]] (1×2), B = [[1],[2]] (2×1) → समान नहीं

उदाहरण 4.3 (असमान – अवयव अलग):

A = [[1,2],[3,4]], B = [[1,2],[3,5]] → a₂₂=4 ≠ 5 → असमान

उदाहरण 4.4 (समानता ज्ञात करना):

[[x, y], [2,4]] = [[3,1],[2,4]] → x=3, y=1

1.5 मैट्रिक्स के योग / अंतर के लिए आवश्यक शर्त – आकार की अनिवार्यता

नियम: जोड़ने या घटाने के लिए आकार बिल्कुल समान होना चाहिए।

उदाहरण 5.1 (जोड़ सकते हैं):

A(2×2) और B(2×2) → जोड़ सकते हैं।

उदाहरण 5.2 (जोड़ नहीं सकते):

A (2×3) और B (3×2) → जोड़ नहीं सकते (2×3 ≠ 3×2)

उदाहरण 5.3 (व्यावहारिक कारण):

A = [1,2] (1×2), B = [1,2,3] (1×3) → a₁₃ का अस्तित्व नहीं, योग परिभाषित नहीं।

1.6 मैट्रिक्स के मूल प्रकार – प्रारंभिक परिचय (पूरे विस्तार के लिए चैप्टर 2 देखें)

  • शून्य मैट्रिक्स: सभी अवयव 0, उदा. [[0,0],[0,0]]
  • वर्ग मैट्रिक्स: m = n, उदा. [[1,2],[3,4]]
  • आयत मैट्रिक्स: m ≠ n, उदा. 2×3
  • पंक्ति मैट्रिक्स: m = 1, उदा. [5,-2,0]
  • स्तंभ मैट्रिक्स: n = 1, उदा. [[7],[3],[1]]

1.7 मैट्रिक्स के विकर्ण (Diagonals) – पूर्ण विस्तार

1.7.1 मुख्य विकर्ण (Main Diagonal)

परिभाषा: वर्ग मैट्रिक्स में a11, a22, ..., ann (i=j)

उदाहरण 7.1:
A = [ 2   5   8 ]
    [ 1   3   6 ]
    [ 4   7   9 ]

मुख्य विकर्ण: 2, 3, 9

उदाहरण 7.2 (4×4):

B = [1..16] मुख्य विकर्ण: 1,6,11,16

1.7.2 द्वितीयक विकर्ण (Secondary / Anti Diagonal)

परिभाषा: a1n, a2,n-1, ..., an1 (सूत्र i+j = n+1)

उदाहरण 7.3 (3×3):
C = [ 1 2 3 ]
    [ 4 5 6 ]
    [ 7 8 9 ]

द्वितीयक विकर्ण: 3,5,7

उदाहरण 7.4 (4×4):

D = [1..16] द्वितीयक विकर्ण: 4,7,10,13

विशेष: n विषम होने पर केंद्रीय अवयव (3×3 में 5) दोनों विकर्णों में साझा होता है।

1.8 उपमैट्रिक्स (Submatrix) – पूर्ण विवरण

परिभाषा: मूल मैट्रिक्स से कुछ पंक्तियों/स्तंभों को हटाकर बनाया गया नया मैट्रिक्स।
उदाहरण 8.1 (पूरा चरणबद्ध हल):

E = [[1,2,3,4],[5,6,7,8],[9,10,11,12]] (3×4)

(a) दूसरी पंक्ति हटाएँ → [[1,2,3,4],[9,10,11,12]] (2×4)

(b) दूसरी पंक्ति + तीसरा स्तंभ हटाएँ → पहले (a) फिर तीसरा स्तंभ हटाया → [[1,2,4],[9,10,12]] (2×3)

(c) पंक्ति 1,2 और स्तंभ 2,4 रखें → [[2,4],[6,8]] (2×2)

उदाहरण 8.2 (वर्ग से उपमैट्रिक्स):

F = [[1,2,3],[4,5,6],[7,8,9]] से पंक्ति 1 और स्तंभ 2 हटाएँ → [[4,6],[7,9]]

उपयोग: सारणिक (determinant) में माइनर और कोफैक्टर निकालने के लिए।

1.9 मैट्रिक्स को निरूपित करने के तरीके (Notations)

  • पूर्ण रूप: A = [aij]m×n
  • संक्षिप्त: A = (aij) या [aij]
  • पंक्तियों के नाम: A = [R₁, R₂, ..., Rm]T
  • स्तंभों के नाम: A = [C₁, C₂, ..., Cn]
उदाहरण 9.1 (स्तंभों के रूप में):

G = [[1,4],[2,5],[3,6]] = [C₁ C₂] जहाँ C₁=[1,2,3]T, C₂=[4,5,6]T

उदाहरण 9.2 (सूत्र द्वारा परिभाषित):

H = [hij]2×2, hij = i²+j → H = [[2,3],[5,6]]

1.10 विशेष स्थितियाँ (Edge Cases) – छोटी से छोटी बात

(i) 1×1 मैट्रिक्स: [k] → अदिश और मैट्रिक्स दोनों।
(ii) 0×0 मैट्रिक्स: खाली मैट्रिक्स।
(iii) m×0 या 0×n मैट्रिक्स: कोई स्तंभ या पंक्ति न हो (शून्य-आयामी)। उदा. 3×0 मैट्रिक्स।
(iv) एक अवयव को मैट्रिक्स कह सकते हैं? हाँ, [5] एक 1×1 मैट्रिक्स है।


चैप्टर 1 का सारांश (सभी बिंदु एक साथ)

क्रमबिंदुविवरण
1परिभाषासंख्याओं का आयताकार विन्यास
2अवयवaij (i-वीं पंक्ति, j-वाँ स्तंभ)
3आकारm × n (m = पंक्तियाँ, n = स्तंभ)
4समान मैट्रिक्ससमान आकार, समान अवयव
5पंक्ति सदिश1×n
6स्तंभ सदिशm×1
7मुख्य विकर्णi = j
8द्वितीयक विकर्णi + j = n + 1
9उपमैट्रिक्सपंक्ति/स्तंभ हटाकर बनाया गया
10निरूपणA = [aij] मैट्रिक्स या स्तंभों के रूप में

चैप्टर 1 पर अभ्यास प्रश्न (स्वयं हल करने के लिए)

  1. यदि A = [ [2, -1, 0], [3, 4, -5] ], तो a₁₂, a₂₁, a₂₃ के मान बताइए।
  2. 3×2 मैट्रिक्स B बनाइए जहाँ bij = i × j।
  3. क्या [1, 2, 3] और [[1],[2],[3]] समान हैं? कारण बताइए।
  4. 4×4 मैट्रिक्स का द्वितीयक विकर्ण में कौन-कौन से अवयव होंगे? (सूत्र i + j = 5 से)
  5. C = [ [1,2,3,4], [5,6,7,8], [9,10,11,12] ] से पंक्ति 3 और स्तंभ 2 हटाकर उपमैट्रिक्स बनाइए।

— चैप्टर 1 समाप्त, प्रत्येक परिभाषा, उदाहरण एवं नियम पूर्ण रूप से सम्मिलित —

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